Sham Ki Tapri (Poetry)
नसरी नज्म शायरी का एक रूप है जो कवितामय असर और बयानिया दिखाता है लेकिन बहर क़ाफ़िया-रदीफ की पाबंदियाँ नहीं रखता।
- यह गद्य रूप में लिखी जाती है लेकिन उसका असर और बयानिया पूरी तरह से कवितामय यानी शायराना होता है।
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