Bhasha Seekhne-Sikhane Ke Tarike
यह संकलन भाषा सीखने-सिखाने के कुछ ऐसे तरीकों पर केन्द्रित है जो शिक्षकों द्वारा विकसित किए गए व आज़माए गए हैं। मगर इन्हें अपने सन्दर्भों में आज़माने से पहले, अन्य शिक्षकों के लिए यह ध्यान देना ज़रूरी है कि हर कक्षा और उसमें पढ़ने वाला हरेक बच्चा अपने आप में अनूठा होता है, इसलिए उन्हें इनमें कुछ बदलाव करने होंगे। इन तरीकों का लचीलापन व खुलापन इसमें उनकी मदद करेगा। इस किताब में भाषा सीखने-सिखाने में पुस्तकालय, कविता-कहानियों की उपयोगिता जैसे मुद्दों पर बात की गई है। यह इस बात की समझ निर्मित करने का एक ज़रूरी प्रयास है कि भाषा सीखने-सिखाने के तरीके कैसे हों जिससे कि भाषा सीखने का अनुभव सीखने वाले के लिए सार्थकता भरा बन सके। भाषा शिक्षण के बुनियादी पहलुओं पर रोशनी डालने वाली किताबों की श्रृंखला की यह पाँचवीं और अन्तिम किताब है जिसे अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय और एकलव्य फाउंडेशन ने मिलकर तैयार किया है। यह भाषा सीखने-सिखाने में दिलचस्पी रखने वाले सभी लोगों के लिए उपयोगी है।
Specifications
- Cover
- Paperback, HardBound
Variants (2)
- Paperback — 270.00 INR — In stock
- HardBound — 480.00 INR — In stock
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