ध्रुवतारा
जीवन कैवल परिस्थितियों का नाम नहीं, बल्कि उन परिस्थितियों में स्वयं को पहचान लेने का नाम है। संघर्ष, धैर्य और विश्वास- ये तीनों ही मेरे जीवन और मेरी लेखनी के आधार रहे हैं। यह कावय्-संग्रह मेरे अनुभवों, मेरी संवेदनाओं और मेरे आत्मसंघर्ष की अभिवक्ति है। इन रचनाओं में नारी-चेतना की आवाज है, राष्ट्र-भाव की धड़कन है और आत्मबल का आह्वान भी। मेरे लिए लेखन केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि आत्मा की साधना है। ऐसा ही एक विशेष क्षण मेरे जीवन में तब आया, जब नवोदय विदयालय में पीजीटी (हिंदी) के पद हेतु मेरे साक्षात्कार के दौरान इंटरवयू पैनल द्वारा मेरी कविता “पथ है तेरा साथी” की कुछ पंक्तियाँ सुनी गई। उन पंक्तियों की आत्मविश्वासपूर्ण अभिवक्ति और भाव-गहराई से वे इतने प्रभावित हुए कि उस साक्षात्कार का अनुभव मेरे लिए अतयंत सकारात्मक और उत्साहवर्धक बन गया। वह क्षण मेरे जीवन का turning point सिद्ध हुआ। आज मैं प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हूँ, और उसी विश्वास के साथ आप सभी को भी यह संदेश देना चाहती हूँ- यदि शब्दों में सच्चाई हो, विचारों में दृढ़ता हो और मन में विश्वास हो, तो सफलता स्वयं आपके कदम चूमती है। मेरी यह लेखनी मेरे संघर्ष की साथी रही है, और आज उसी लेखनी के माध्यम से मैं प्रतयेक पाठक को साहस, आत्मबल और आशा देने का प्रयास कर रही हूँ। यदि इन कविताओं की कोई पंक्ति आपके जीवन-पथ पर प्रकाश बन सक तो मेरा यह प्रयास सार्थक होगा।
AI Readiness
Good foundation, but some important product data is still missing.