Raghuvansh Mahakavyam-Kalidas Virachit (Pratham Sarg): Sanskrit-Hindi Anuvad Sahit
महाकवि कालिदास निर्मित रघुवंश महाकाव्य की अनेक टीकाएँ संस्कृत तथा हिन्दी में छपी है। इन सब में मल्लिनाथ की संजीवनी, सर्वोत्तम एवं सर्वमान्य है। अन्य सभी टीकाएँ कोमल बुद्धि प्रथमा के छात्रों के लिये दुर्बोध तथा भ्रामक-सी प्रतीत होती है। प्रत्येक पद का पर्याय उसी शब्द के सामने दिया है। दीर्घ-समास में भी प्रत्येक पद का पर्याय उसी के सामने दिया गया है, जिससे छात्रों को सरलता से प्रत्येक पद का अर्थज्ञान हो जाय। और दूसरा लाभ यह होगा कि समस्त पदों का दीर्घाकार पर्याय रटना भी न पड़ेगा। केवल ध्यानपूर्वक पठनमात्र से छात्रों को अन्वय, समास तथा पदार्थ का ज्ञान हो जायगा।
Specifications
- Book cover type
- Paperback
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