Kuch Udaas Nazme
“नज़्मों का यह मुख़्तसर मजमुआ ( संक्षिप्त संग्रह) इस बात का सबूत है कि एक पेशेवर मौरिख़ (इतिहासकार) का चंद नज़्में कह लेना अगर गुनाह नहीं तो हिमाक़त ज़रूर है। तो मेरी यह हिमाक़त आपकी ख़िदमत में दरपेश है। यूँ यह भी ग़नीमत है कि इतने ग़ैर शायराना नाम के बावजूद मैं नज़्में कह सका। हरबंस मुखिया की शायरी आज के इन्सान के जज़्बाती हलचल की आ’इनादारी करती है। इसी बिना पर इस का इस्तक़बाल (स्वागत) बड़े हल्के में होगा। हरबंस मुखिया जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में मध्यकालीन इतिहास के प्राध्यापक और रेक्टर थे।”
Specifications
- Author
- Harbans Mukhia
- Format
- Paper Back
- Language
- Hindi
AI Readiness
Good foundation, but some important product data is still missing.
75%