जगत् और हम (2 Volumes)
"जगत् और हम: World and We" एक अत्यंत दुर्लभ और गहरा आध्यात्मिक ग्रंथ है, जिसे क्रिया योग परंपरा के महान योगी और श्री श्यामचरण लाहिड़ी महाशय के प्रधान शिष्य श्रीमत् पंचानन भट्टाचार्य जी द्वारा लिखा गया है। यह 2 भागों (Volumes) का एक संपूर्ण सेट है, जो मनुष्य, ईश्वर और इस दृश्य-अदृश्य संसार (जगत्) के गहरे संबंधों को उजागर करता है। यदि आप क्रिया योग, सनातन दर्शन, और आत्म-ज्ञान के वास्तविक मार्ग की खोज में हैं, तो यह पुस्तक आपके आध्यात्मिक सफर के लिए एक उत्तम मार्गदर्शिका साबित होगी। माता शर्बाणी ट्रस्ट प्रकाशन (Mata Sharbani Trust) यह पुस्तक माता शर्बाणी ट्रस्ट (पश्चिम बंगाल) द्वारा प्रामाणिक और बिना किसी संपादन (Unedited Spiritual Literature) के प्रकाशित की गई है। पुस्तक की भाषा सरल, गंभीर और प्रभावशाली हिंदी है, जिससे हर एक आध्यात्मिक जिज्ञासु इसके गहरे रहस्यों और गूढ़ तत्वों को आसानी से समझ सके। पुस्तक की मुख्य विशेषताएं और विषय (Key Features & Topics Covered): आत्म-साक्षात्कार और दर्शन (Self-Realization): जगत् (संसार) और 'हम' (जीव या आत्मा) के बीच का वास्तविक संबंध क्या है, और कैसे एक साधक गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी मुक्ति पा सकता है, इसकी विस्तृत व्याख्या। क्रिया योग के गहरे सिद्धांत (Kriya Yoga Insights): इस पुस्तक में योग-दर्शन, प्राण-तत्त्व और आंतरिक साधना के उन गहरे सूत्रों का संकेत है जो साधक की चेतना को उन्नत करने में मदद करते हैं। प्रामाणिक शिक्षाएं (Authentic Teachings): श्री पंचानन भट्टाचार्य जी के स्वयं के उच्च आध्यात्मिक अनुभवों और उनकी साधना का निचोड़ इस पुस्तक के हर एक पृष्ठ में झलकता है। प्रीमियम हार्डकवर क्वालिटी (Premium Hardcover): यह सेट मजबूत और सुंदर हार्डकवर बाइंडिंग के साथ आता है, जो इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखता है और आपकी लाइब्रेरी की शोभा बढ़ाता है। Specifications उत्पाद का नाम (Product Name): जगत् और हम: World and We (Set of 2 Volumes) लेखक (Author): पंचानन भट्टाचार्य (Panchanan Bhattacharya) प्रकाशक (Publisher): माता शर्बाणी ट्रस्ट, पश्चिम बंगाल (Mata Sharbani Trust) भाषा (Language): हिंदी (Hindi) प्रकार (Format / Binding): हार्डकवर (Hardcover - 2 पुस्तकों का सेट) कुल पृष्ठ (Total Pages): 370 पृष्ठ आकार (Dimensions): 21.5 सेमी x 18 सेमी (8.50 x 7.00 इंच) वजन (Weight): 740 ग्राम उत्पाद की स्थिति (Condition): एकदम नई (Brand New) यह पुस्तक किसे अवश्य पढ़नी चाहिए? जो लोग क्रिया योग और लाहिड़ी महाशय जी की मूल आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े हैं। जो सनातन वैदिक दर्शन, अध्यात्म, ग्रंथ-अध्ययन और ध्यान (Meditation) में गहरी रुचि रखते हैं। वे पुस्तक प्रेमी जो अपनी व्यक्तिगत लाइब्रेरी के लिए दुर्लभ और उच्च कोटि के आध्यात्मिक साहित्य का संग्रह करना चाहते हैं।
Variants (1)
- Default Title — 520.00 INR — In stock
AI Readiness
Good foundation, but some important product data is still missing.