Narak Main Swarg (नरक में स्वर्ग)
मेरे दोस्त Sanjay Raut एक बेख़ौफ़ आवाज़ हैं, जो सत्ता से सवाल पूछने से कभी नहीं डरे। जब चुप रहना आसान था, उन्होंने सच बोलना चुना। संसद से जेल तक उनकी आवाज़ अडिग रही। यह किताब उनके साहस, प्रतिरोध और अटूट चरित्र की कहानी है। राऊत ने साबित किया कि जेल शरीर को कैद कर सकती है, विचारों को नहीं—और लोकतंत्र को ज़िंदा रखने के लिए विरोध ज़रूरी है।
Specifications
- Writer
- Sanjay Raut
- Language
- English
- Binding
- Paperback
AI Readiness
Good foundation, but some important product data is still missing.
69%