Guthali hi Wah Ladki Thi
गुटली घर में सबसे छोटी है और सबसे चंचल भी। लेकिन अब उसने सबको बता दिया है — “मैं लड़की हूँ।” पहली बार स्कर्ट पहनकर स्कूल जाने का फैसला करना उसके लिए बड़ा कदम है। घर में प्यार है, पर बाहर दुनिया की नज़रें और सवाल डराते हैं। स्कूल की हँसी, फुसफुसाहट और ताने गुटली को रोकने की कोशिश करते हैं। फिर भी परिवार और दोस्तों का साथ उसे हिम्मत देता है। गुटली स्कूल के गेट से ही वापस आ जाती है। डर हर दिन लौटता है। हिम्मत भी। यह कहानी है एक बच्चे के अपने सच को जीने की। उन मुश्किल सवालों की, जिनके जवाब तुरंत नहीं मिलते। और उस छोटे-से साहस की, जो धीरे-धीरे पूरे क्लास की हवा बदल देता है।
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