वर्तमान की गिरफ़्त में अतीत

वर्तमान की गिरफ़्त में अतीत

Brand: Leftword Books
SKU: LWB0001
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आज सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की विचारधारा को जायज़ ठहराने के लिए इतिहास की एकतरफ़ा और मनमानी व्याख्या की जा रही है। बिना शोध और ठोस साक्ष्यों के ऐसे आख्यान गढ़े जा रहे हैं, जो वर्तमान सत्ता के अनुकूल हैं। इन आख्यानों में भारतीय बहुलता और हिंदू धर्म के वैविध्य को नकारने या सीमित करने की कोशिश दिखाई देती है। शैक्षिक संस्थानों पर राजनीतिक नियंत्रण बढ़ा है, जिससे उनकी स्वायत्तता ख़तरे में पड़ गई है। स्वस्थ बहस और प्रश्न करने की हमारी परंपरा को झटका लगा है। यह किताब इन सब पर चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाती है कि भारत को एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनाने का स्वप्न कहीं पीछे तो नहीं छूटता जा रहा? रोमिला थापर देश के शीर्ष इतिहासकारों में एक हैं। उन्होंने भारतीय इतिहास को औपनिवेशिक और सांप्रदायिक दृष्टिकोण से निकालकर वैज्ञानिक और समाजशास्त्रीय आधार प्रदान किया है।

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